तलेगांव दशासर।। आज के दौर मे किसी भी बात को एतेहासिक अथवा पौराणिक कहने की लाट आयी हैं छात्राओं को अपना सही विरासत जानने के उद्देश से माध्यमिक कन्या विद्यालय तलेगांव की ओर से एक विशेष क्षेत्र भेंट का आयोजन किया गया था।इस भेंट के दौरान छात्राओं ने गांव के ऐतेहासिक रावसाहेब देशमुख के वाड़ा को भेंट देकर महाराष्ट्र के समृद्ध वाड़ा संस्कृति की जानकारी प्राप्त की।200 वर्ष देदीप्यमान ईतिहास कै. नाना साहेब देशमुख तैयार की नेत्रदीपक और दिमाग़ में घर करने वाली 200 वर्षों से अधिक पुरातन काल का दर्शन दे रही हैं। गांव के मामलो में इस बाड़े का इतना ही अमोल योगदान रहा है विशेष रूप से यहाँ इस वाड़े की इमारत में न्याय हुआ करते थे ऐसी जानकारी प्रस्तुत प्रतिनिधि से बातचीत में सामने आई।संतो के पदस्पर्श से पावन यह इमारत यह वाड़ा केवल एक इमारत नहीं एक आध्यत्मिक विरासत का गवाह है।वैराग्यमूर्ती गाडगे बाबा और राष्ट्र संत तुकडूजी महाराज जैसे थोर संतो के चरणस्पर्श से यह वास्तु पावन हुई है इस ऐतेहासिक विरासत की भावना इस भेंट का असली मक़सद से छात्राओं को रूबरू कराया गया।
इस वाड़े का होंगा नुतनीकरण।
इस समय बोलते हुये आनंद राव देशमुख ने कहा कि यह ऐतेहासिक विरासत का जतन करना यह समय की ज़रूरत है इसलिए इसके तकनीकी मान्यता प्राप्त करने करने की भी बात इस समय बताते हुये आने वाली नस्लों की प्रेरणास्थान के रूप में जतन किया जायेगा।इस क्षेत्र भेंट के चलते छात्राओं किताबी ज्ञान के ऊपर अपना स्थानीय इतिहास के प्रत्यक्ष अनुभव लिया।















